(शब्द नं. - 4)
प्रभु तेरे बालक हैं
टेक:- प्रभु तेरे बालक हैं सारे ही हम।
नाम जप कर, करें अच्छे कर्म।।
1. प्रेम व भक्ति का, दान हमें देना।
मालिक ये अर्ज, कबूल कर लेना।
हम तेरे गुण गाएं, सारे हरदम, प्रभु तेरे....
2. मिलकर सभी ऐसा, कदम उठाएं।
भारत देश* को हम, ऊंचा बनाएं। *मानवता
ऐसी डगर पे बढेें, सबके कदम। प्रभु तेरे....
3. क्रोध और नफरत को, दिल से मिटा दो।
सबका सम्मान करें, ऐसे बना दो।
प्रभु हमें शक्ति दो, करें ये कर्म। प्रभु तेरे....
4. सबसे प्रेम करें, करें हम भलाई।
भेदभाव न रखें, करें ना लड़ाई।
अंध-विश्वास सब, तोड़ दो भरम। प्रभु तेरे....
5. “शाह सतनाम जी" तेरा नाम हम ध्याएं।
रहमत हो तेरी जिसपे, वो ना घबराएं।
सेवक तेरे पे कभी, छाए ना गम। प्रभु तेरे....
6. तेरा नाम ले के सतगुर, चलते ही जाएं।
अपने जीवन को हम, सफल बनाएं।
रहे “मीत" बनके ना दें, किसी को गम। प्रभु तेरे...।।

